प्यार

प्यार !
एक मीठा सा दर्द है, और ये दर्द तब बढ़ जाता है जब आपका प्यार आपको नजरअंदाज़ करने लगे ।
आप जानते हो की वो आपसे प्यार नहीं करता पर फिर भी ये सोचना की शायद कभी किसी दिन उसका मन पिघलेगा शायद कभी किसी दिन उसको भी आपसे प्यार हो जायेगा, शायद किसी दिन...............
ये जो आपके और उसके बीच में "शायद" है न, बस यही आपके प्यार का वजूद है । आपका आज भी यही "शायद" है और शायद कल भी ।
हर सुबह सबसे पहले "गुड मॉर्निंग" और हर रात सोने से पहले "गुड नाईट" का जो मैसेज करते हो आप और हर दस मिनट में फोन निकाल के चेक करते हो की जवाब आया की नहीं । ये जो हर दस मिनट का सब्र है न, बस यही है आपके प्यार का सबूत जो आपके अलावा किसी को नहीं दीखता । यहाँ तक की उसको भी नहीं ।
दिन में घर से निकलते हुए एक बार उसका मुस्काता चेहरा देखने भर से आप सोचते हो की आज दिन बहुत अच्छा गुजरेगा। और अगर शाम को घर लौटते वक़्त भी झलक मिल जाये तो रात को सुकून।
ये जो आपकी गलतफहेमी है, बस यही है आपकी रोजाना की चाँद खुशियो का कारण ।
जब आपके मित्र उसके बारे में कोई मजाक या अभद्र टिप्पणी करते हैं, और फिर जो आपके चेहरे पर वो बनावटी हँसी आती है,
बस वही है आपकी प्यार की दुनिया, बिलकुल बनावटी सी ।
और फिर जब आप हार के ये सोचते हैं की आज से सब ख़त्म, अब कभी उसके बारे में नहीं सोचूंगा कभी उसको मैसेज नहीं करूँगा ।
बस तभी से शुरू होता है आपका सच्चा वाला असली 100% खरा.......
"प्यार"

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